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Welcome to KRIPAKRITA WELFARE FOUNDATION

कृपाकृता वेलफेयर फाउण्डेशन: परिचय एवं सदस्यता नियम

संस्था का विवरण:

भारत सरकार से पंजीकृत गैर सरकारी संगठन कृपाकृता वेलफेयर फाउण्डेशन की स्थापना 17 मई 2024 को हुई थी। यह एक सेक्शन-8 कंपनी है, जिसका रजिस्ट्रेशन नंबर CIN-U88900UP2024NPL202907 है। इस संस्था का उद्देश्य समाज के उच्च पदस्थ से लेकर अंतिम व्यक्ति तक तीव्र आर्थिक, शैक्षिक, न्यायिक और सामाजिक राहत पहुँचाना है।

1. सदस्यता के लिए पात्रता

  • लक्षित विभाग एवं क्षेत्र: शिक्षा, स्वास्थ्य, पंचायत, सिंचाई, जल निगम, राजस्व, ग्राम्य विकास अभिकरण, परिवहन, रेल, बाल विकास एवं पुष्टाहार, विद्युत, बैंक, पुलिस, होमगार्ड, कलेक्ट्रेट आदि समस्त विभागों के सरकारी, संविदा, और आउटसोर्सिंग कर्मचारी/अधिकारी इसके सदस्य बन सकते हैं।

  • शिक्षण संस्थान: बेसिक, माध्यमिक, उच्च और तकनीकी शिक्षा के सरकारी शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारी, तथा वित्तविहीन विद्यालय/कॉलेज/मदरसा के शिक्षक, शिक्षणेत्तर कर्मचारी एवं प्रबंधक भी पात्र हैं।

  • निजी व अन्य क्षेत्र: प्राइवेट सेक्टर में कार्यरत समस्त कर्मचारी, अधिकारी, एडवोकेट, मीडियाकर्मी, प्रबंधक, डॉक्टर, इंजीनियर, नर्स, तथा किसान, मजदूर, व्यवसायी, कारीगर, गृहिणी और छात्र-छात्राएं भी सदस्यता ले सकते हैं।

  • अनिवार्य शर्तें: सदस्यता हेतु भारत का स्थाई निवासी होना या उत्तर प्रदेश में सरकारी/प्राइवेट किसी पद पर कार्यरत होना अनिवार्य है।

  • आयु सीमा: सदस्यता प्राप्त करने की उम्रसीमा 18 वर्ष से लेकर 55 वर्ष तक है। एक बार सदस्य बन जाने के उपरांत 60 वर्ष की उम्र तक सदस्यता बनाए रखने की अनुमति है। 60 वर्ष की उम्र पूरी होते ही सदस्यता स्वतः समाप्त हो जाएगी।

  • आवेदन व शुल्क: समस्त नियमों व शर्तों के अनुसार kripakritaWelfareFoundation.in वेबसाइट के माध्यम से रजिस्ट्रेशन फॉर्म भरकर सदस्यता ली जा सकती है। समस्त सदस्यों को वार्षिक ₹100 रजिस्ट्रेशन शुल्क और ₹100 प्रति माह सहयोग देना अनिवार्य है।

2. वैधानिक नियम एवं शर्तें

  • संस्थापक मंडल के अधिकार: संस्थापक मंडल वैधानिकता या किसी भी प्रकार के मामलों में जहाँ उचित समझेंगे, अपने स्तर से परीक्षण करने व निर्णय लेने के लिए स्वतंत्र होंगे।

  • कानूनी दावे का निषेध: कोई भी सदस्य या नॉमिनी आर्थिक सहयोग प्राप्त करने हेतु कानूनी दावा नहीं कर सकेगा। टीम द्वारा वैधानिकता के संबंध में लिए गए निर्णय के आधार पर नैतिक रूप से आर्थिक सहयोग कराने का प्रयास किया जाएगा।

  • गलती से भेजी गई राशि: सहयोग के दौरान या उसके बाद यदि किसी सदस्य द्वारा गलती से अधिक राशि किसी नॉमिनी के खाते में भेज दी जाती है, तो उचित साक्ष्य प्रस्तुत करने पर नॉमिनी द्वारा वह धनराशि सीधे उस सदस्य के खाते में वापस करनी होगी। टीम इसकी गारंटी नहीं लेगी, किन्तु धनराशि वापस करवाने हेतु सार्थक और पूर्ण प्रयास करेगी।

  • अनुशासनात्मक कार्रवाई: कोई भी सदस्य यदि संस्था के खिलाफ दुष्प्रचार या अफवाह फैलाता है, अथवा बिना साक्ष्य या आंकड़े प्रस्तुत किए आरोप लगाता है, तो टीम उसकी सदस्यता रद्द करने व विधिक कार्रवाई हेतु स्वतंत्र होगी। किसी पदाधिकारी के साथ अभद्र व्यवहार करने या संस्था विरोधी गतिविधि में लिप्त पाए जाने पर भी पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर सदस्यता रद्द कर दी जाएगी।

3. आर्थिक सहयोग एवं वैधानिकता के नियम

  • पुनः सदस्यता (रिफ्रैशर नियम): यदि किसी सदस्य द्वारा सदस्य बनने के बाद सहयोग नहीं किया गया या कुछ महीने/वर्षों सहयोग करने के बाद 1 या अधिक सहयोग छोड़ दिया गया, जिसके परिणामस्वरूप वह 90% सहयोग के दायरे में नहीं आता या अवैधानिक हो जाता है, तो ऐसी स्थिति में वह लगातार 12 माह सहयोग करके और 12 माह का समय पूरा करके पुनः वैधानिक सदस्यता प्राप्त कर सकता है।

  • आत्महत्या की स्थिति: सदस्य द्वारा आत्महत्या की स्थिति में कोई आर्थिक सहयोग हेतु अपील नहीं की जाएगी। आत्महत्या के अलावा अन्य सभी तरह की मृत्यु पर आर्थिक सहयोग की अपील की जाएगी।

  • हत्या की स्थिति: यदि सदस्य द्वारा बनाए गए नॉमिनी ने ही खुद सदस्य की हत्या की है, तो ऐसे नॉमिनी को आर्थिक मदद नहीं दी जाएगी। ऐसी परिस्थिति में संस्थापक मंडल अपने स्वविवेक से दिवंगत सदस्य के यथोचित नॉमिनी का चयन करने के लिए स्वतंत्र होगा।

  • न्यायिक चुनौती पर रोक: संस्था सीधे लाभार्थी/दिवंगत सदस्य के नॉमिनी के खाते में सहयोग करती है, इसलिए सहयोग प्राप्त करने हेतु किसी भी प्रकार की न्यायिक या कानूनी चुनौती देने का अधिकार किसी व्यक्ति या सदस्य के पास नहीं होगा।

4. शुभ विवाह आशीर्वाद योजना के विशेष नियम

  • मूल शर्त: इस योजना में आवेदन हेतु जिस सदस्य के बच्चों के विवाह के लिए मदद होनी है, उस बच्चे का भी संस्था का सदस्य होना जरूरी है, ताकि बाल विवाह (18 वर्ष से कम उम्र में विवाह) पर रोक लग सके। इसमें प्रति सदस्य अधिकतम ₹50 तक का आर्थिक सहयोग करना होता है। यह सहयोग प्राप्त करना सिर्फ एक नैतिक अधिकार है, कानूनी नहीं।

  • आवेदन की समयसीमा: योजना में विवाह तिथि से 30 दिन पूर्व आवेदन करना अनिवार्य है, ताकि स्थलीय सत्यापन और आर्थिक सहयोग कराने के लिए पर्याप्त समय मिल सके।

  • वैधानिकता पर प्रभाव: जो सदस्य शुभ विवाह आशीर्वाद योजना में आर्थिक मदद नहीं करता है, उसके आकस्मिक निधन पर "आकस्मिक निधन आर्थिक सहयोग योजना" की वैधानिकता प्रभावित नहीं होगी। हालाँकि, "दिवंगत परिवार सहायता योजना" के लाभ के लिए नियमानुसार आर्थिक मदद करना अनिवार्य है।

बेटियों के लिए सदस्यता की अनिवार्यता (01 जुलाई 2026 से प्रभावी):

  • उम्र 18 वर्ष पूरी होने पर: यदि सदस्यता लेते समय बेटी 18 वर्ष की हो चुकी है, तो उसका सदस्य बनना और शुभ विवाह आशीर्वाद योजना में 90% अवसरों पर सहयोग करना अनिवार्य है।

  • उम्र 18 वर्ष से कम होने पर: यदि सदस्यता लेते समय बेटी की उम्र 18 वर्ष नहीं है, तो जैसे ही वह 18 वर्ष की होगी, उसे सदस्य बनना होगा और योजना में 90% अवसरों पर सहयोग करना अनिवार्य होगा।

  • ग्रेस पीरियड (अतिरिक्त समय): यदि किसी कारणवश बेटी उम्र पूरी होते ही या सदस्य (माता-पिता) के जुड़ने के साथ ही सदस्य नहीं बन पाती है, तो उसे अगले 6 माह के भीतर (ग्रेस पीरियड) अनिवार्य रूप से सदस्य बनकर सहयोग शुरू कर देना होगा। ऐसा न करने पर "शुभ विवाह आशीर्वाद योजना" व "दिवंगत परिवार सहायता योजना" में अलग-अलग न्यूनतम 90% अवसरों पर सहयोग की अनिवार्यता लागू रहेगी।

अनाथ बच्चों एवं विशेष परिस्थितियों के नियम:

  • माता-पिता दोनों के जीवित न होने पर (01/07/2026 से प्रभावी): यदि माता-पिता दोनों जीवित नहीं हैं, तो जैविक भाई (न्यूनतम उम्र 18 वर्ष) खुद संस्था में रजिस्ट्रेशन करेगा। वह निर्धारित लॉक-इन पीरियड पूरा करके और सदस्यता तिथि से विवाह तिथि तक 90% अवसरों पर सहयोग करके अपनी बहन/भाई के विवाह में सहयोग पाने का पात्र होगा। यदि अनाथ बेटी की उम्र 18 वर्ष से कम है, तो 18 वर्ष पूरे होते ही उसका सदस्य बनना और सहयोग करना अनिवार्य होगा। आवेदन के समय जैविक भाई-बहन होने और माता-पिता दोनों की मृत्यु का प्रमाण देना अनिवार्य है।

  • माता-पिता की उम्र 60 वर्ष से अधिक होने पर (01/01/2026 से प्रभावी): यदि माता-पिता दोनों की उम्र 60 वर्ष से अधिक है, तो जैविक भाई (न्यूनतम उम्र 18 वर्ष) खुद FRCT में सदस्य बनकर, निर्धारित लॉक-इन पीरियड पूरा करके और "शुभ विवाह आशीर्वाद योजना" एवं "दिवंगत परिवार सहायता योजना" में अलग-अलग न्यूनतम 90% अवसरों पर सहयोग करके लाभ प्राप्त कर सकता है। इसके लिए भी जैविक भाई-बहन होने का प्रमाण देना होगा।

  • सदस्य (माता/पिता) की मृत्यु होने पर लॉक-इन पीरियड: यदि माता या पिता सदस्य बनकर लगातार सहयोग कर रहे हैं और शादी से पहले सदस्य (पिता) की मृत्यु हो जाती है, तो उनके स्थान पर माता सदस्य बनेंगी। इस परिस्थिति में लॉक-इन पीरियड पिता की सदस्यता तिथि से ही जोड़ा जाएगा। इसी प्रकार माता की मृत्यु होने पर यदि पिता सदस्य बनते हैं, तो लॉक-इन पीरियड माता की सदस्यता तिथि से जोड़ा जाएगा।